धर्म नगरी हरिद्वार इन दिनों केंद्रीय बजट 2026 को लेकर चर्चा के केंद्र में है
बजट ऐसा, जिस पर कोई संतुष्ट नज़र आ रहा है तो कोई सवालों की झड़ी लगा रहा है।
एक ओर भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ता और संगठन इस बजट की खुलकर तारीफ कर रहे हैं,
तो वहीं दूसरी ओर आम जनता, खासकर गृहिणियां, महंगाई के मुद्दे पर नाराज़गी जाहिर कर रही हैं।
हरिद्वार बीजेपी महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रीति का कहना है कि
“एक महिला सोच-समझकर ही बजट को पास करती है।
यह बजट महिलाओं, गृहिणियों और परिवारों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
भाजपा की महिला कार्यकर्ता और महिलाएं इस बजट से संतुष्ट हैं।”
प्रीति का दावा है कि
बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और घरेलू अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी उतना ही अहम है।
आम जनता का कहना है कि
गैस सिलेंडर के दामों में अचानक 50 रुपये की बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को बिगाड़ कर रख दिया है।
गृहिणियां पूछ रही हैं कि
“काग़ज़ों में राहत भले ही हो,
लेकिन रसोई का बजट कैसे संभले?”
हरिद्वार की गलियों, बाज़ारों और घरों में यही चर्चा है
बजट अच्छा है या अधूरा?
सरकार की नीयत सही है या ज़मीनी असर अभी बाकी है?
अब देखना होगा
सरकार जनता की इन चिंताओं पर क्या कदम उठाती है
और क्या आने वाले दिनों में महंगाई से राहत मिल पाएगी।













