काठा पीर दरगाह पर 857वें सालाना उर्स मेले का भव्य आगाज, उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़
लक्सर/हरिद्वार (जेबी टीवी 24 न्यूज): लक्सर और पथरी के जंगलों के बीच स्थित ऐतिहासिक धार्मिक स्थल काठा पीर दरगाह पर हजरत शाह मोहम्मद शाह रहमतुल्लाह अलैह के 857वें सालाना उर्स मेले का शानदार आगाज हो चुका है। इस पावन अवसर पर दरगाह परिसर को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है, जहां सुबह से ही जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
सर्वधर्म समभाव की अनूठी मिसाल है यह मेला काठा पीर मेले की सबसे बड़ी खासियत इसकी अटूट मान्यता और सांप्रदायिक सौहार्द है। जीएनएसडीआर (GNSDR) समाज सेवा कल्याणकारी चैरिटेबल ट्रस्ट के डायरेक्टर और वरिष्ठ समाजसेवी वरीस अहमद जी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मेला किसी एक धर्म विशेष का नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है। यहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई, सभी धर्मों के लोग पूरी अकीदत (श्रद्धा) के साथ माथा टेकने आते हैं। यहाँ आकर सभी के बीच का भेदभाव मिट जाता है और सब एक समान नजर आते हैं।
पूरी होती हैं मन्नतें, चढ़ाया जाता है विशेष प्रसाद
ऐसी मान्यता है कि काठा पीर बाबा के दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता। देश के दूर-दराज के इलाकों से जायरीन यहाँ अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। मन्नत पूरी होने पर अकीदतमंद बाबा की मजार पर चादर पोशी करते हैं।
यहाँ मुख्य रूप से: गुड़ की भेली और गुलाब के फूल का सबसे खास प्रसाद चढ़ाया जाता है।
इसके अलावा इलायची दाना, नमक और झाड़ू का प्रसाद चढ़ाने की भी पुरानी परंपरा है।
मेले को लेकर स्थानीय प्रशासन और कमिटी द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
**(रिपोर्ट: ज्योत्स्ना भारद्वाज)**












