हरिद्वार की धर्मनगरी कनखल में आज भक्तिरस की गंगा बह उठी, जहाँ जगजीतपुर स्थित श्री जलाराम आश्रम में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ।
पहले दिन ही सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भगवान शिव की नगरी हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में स्थित श्री जलाराम आश्रम आज आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। अवसर था संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ का। कथा प्रारंभ से पूर्व श्रीमद्भागवत महापुराण की भव्य पोथी यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल हुए।
वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी सोमेश्वरानंद गिरि महाराज के सानिध्य में कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास भरत भाई मुंदड़ा महाराज ने प्रथम दिवस श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत को समझना स्वयं भगवान को समझने के समान है।
“श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसके श्रवण मात्र से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। भागवत महापुराण वेदों का सार है, जो सनातन ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाता है।”













