नागल के निजी महिला अस्पताल में पीसीपीएनडीटी टीम का छापा, भाकियू का हंगामा और धरना
नागल: कस्बे के रेलवे रोड स्थित एक निजी महिला अस्पताल में मंगलवार को हरियाणा के सोनीपत से पहुंची पीसीपीएनडीटी टीम ने कथित लिंग परीक्षण (sex determination) की आशंका को लेकर छापेमारी की। टीम ने अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन को अपने कब्जे में लेकर अभिलेखों की गहन जांच शुरू की।
कार्यवाही के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों से घंटों की गई पूछताछ के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए। नरेश स्वामी के नेतृत्व में भारी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर चिकित्सकों और कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने टीम से बाहर आने की मांग करते हुए हंगामा भी किया, जिसे पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर नियंत्रित किया।
जब पीसीपीएनडीटी टीम और पुलिस अस्पताल से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए ले जाने लगी, तो भाकियू कार्यकर्ताओं ने टीम के वाहन को रोककर विरोध जताया। इस दौरान कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। बाद में सीईओ देवबंद के हस्तक्षेप और वार्ता के बाद मामला शांत हुआ।
मौके पर एसडीएम विजय प्रताप सिंह, सीईओ देवबंद शैलेंद्र प्रताप सिंह और सीईओ मुकेश त्यागी सहित देवबंद, गागलहेड़ी और बड़गांव थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
भाकियू जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी ने जानकारी दी कि पीसीपीएनडीटी टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को साक्ष्य के रूप में सीईओ देवबंद के सुपुर्द कर दिया है। अधिकारियों द्वारा उचित कार्यवाही के आश्वासन के बाद संगठन ने अपना धरना समाप्त कर दिया। मामले में देर रात तक जांच जारी थी।












