आज युवा प्रदेश अध्यक्ष राहुल खारी के नेतृत्व में यमुना एक्सप्रेस-वे की समस्याओ को लेकर उप जिलाधिकारी देवबंद और नकुड उपजिलाधिकारी को माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा साथ ही पूरे प्रदेश में प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत अन्य सभी जिलों में भी ज्ञापन दिए गए।
देवबंद और नकुड मे लोकशक्ति के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा।
यमुना एक्सप्रेस-वे और चकबंदी समस्याओं के समाधान हेतु किसानों का आक्रोश; भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने सरकार को दी चेतावनी
गौतमबुद्ध नगर/सोनभद्र: यमुना एक्सप्रेस-वे की जनविरोधी नीतियों और चकबंदी की जटिल समस्याओं को लेकर किसानों का धैर्य अब जवाब दे गया है। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं का अविलंब समाधान न होने पर कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी है।
यूनियन का कहना है कि जहां एक ओर सोनभद्र के भेंसावर गांव में किसान 13 माह से चकबंदी की समस्याओं को लेकर धरनारत हैं, वहीं दूसरी ओर गौतमबुद्ध नगर के रौनीजा गांव में भी किसान 12 माह से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रशासन की उदासीनता से आक्रोशित किसानों ने कहा कि ओएसडी नरेंद्र चौहान के माध्यम से तीन बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
किसानों की प्रमुख मांगें और मुद्दे:
सर्विस रोड का निर्माण: यमुना एक्सप्रेस-वे के कारण स्थानीय पुराने रास्ते बंद हो गए हैं। गरीब किसान भारी टोल टैक्स देने में असमर्थ हैं। देश के अन्य राजमार्गों की तर्ज पर स्थानीय निवासियों के लिए टोल फ्री सुविधा होनी चाहिए। अतः आगरा तक अविलंब एक सर्विस रोड का निर्माण किया जाए।
आवासीय प्लाट और मुआवजा: वर्ष 2008 में तत्कालीन जिलाधिकारी श्रवण कुमार द्वारा हुए समझौते के अनुसार किसानों को आवासीय प्लाट और अतिरिक्त मुआवजा तत्काल वितरित किया जाए।
जेवर टोल मैनेजर पर कार्रवाई: जेवर टोल प्लाजा मैनेजर आनंद द्वारा किसान संगठनों के प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी पर संगठन ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि मैनेजर को किसानों को ‘असामाजिक’ बताने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। यह कृत्य सरकारी रजिस्ट्रार द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन पर सवाल उठाने जैसा है, जो सीधे तौर पर सरकार का अपमान है।
टोल नीति में बदलाव: इंटरनेशनल नोएडा एयरपोर्ट (जेवर) के 50 किलोमीटर के दायरे को टोल मुक्त घोषित किया जाए। साथ ही, जनहित में जेवर टोल रैंप को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन-प्रशासन ने उनकी जायज मांगों पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की, तो संगठन अपनी मान-मर्यादा की रक्षा के लिए स्वयं कोई भी कड़ा निर्णय लेने को मजबूर होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि DGP उत्तर प्रदेश, मुख्य सचिव, उद्योग मंत्री, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी (YEIDA) और जिलाधिकारी को भी प्रेषित की गई है।
जिसमे मौजूद रहे पदाधिकारी बोबी त्यागी, मुर्तजा त्यागी, आशीष कुमार,शिवम त्यागी, एडवोकेट शिव कुमार, अनीस मलिक,मो एहसान नकुड तहसील अध्यक्ष, बालेन्द्र चौधरी तनवीर आलम, पंकज चौधरी,नितिन,सलमान, मोहसीन आबिद अली,मो इरफान, सुनील सैनी, जावेद अली, जावेद चौधरी, इलयास मलिक, ओमवीर सैनी आदि अन्य सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।













